Thursday, April 9, 2026
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BAN vs HK Highlights: एशिया कप में बांग्लादेश का जीत से आगाज, हॉन्ग कॉन्ग को 7 विकेट से हराया, कप्तान लिटन दास की फिफ्टी

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Bangladesh vs Hong Kong, Asia Cup 2025: एशिया कप 2025 के मैच नंबर-3 में गुरुवार (11 सितंबर) को बांग्लादेश का सामना हॉन्ग कॉन्ग से हुआ. दोनों टीमों के

टारगेट का पीछा करते हुए बांग्लादेश की शुरुआत कुछ अच्छी नहीं रही. परवेज हुसैन इमोन 19 रनों के निजी स्कोर पर आयुष शुक्ला का शिकार बने. वहीं दूसरे सलामी

केरल में तेज़ हुई मानसून की बारिश, 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी

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केरल में गुरुवार को मानसून की बारिश ने रफ्तार पकड़ ली है, जिससे कई जिलों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। खासकर एर्नाकुलम, इडुक्की और त्रिशूर जिलों के कुछ हिस्सों में बाढ़ के हालात पैदा हो गए हैं।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के सात जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। जिन जिलों के लिए यह चेतावनी दी गई है, उनमें कोल्लम, पथानामथिट्टा, अलप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्नाकुलम और त्रिशूर शामिल हैं। यह अलर्ट सुबह के समय तीन घंटे के लिए प्रभावी रहा।

मौसम विभाग के अनुसार, ऑरेंज अलर्ट का अर्थ है कि इन क्षेत्रों में 11 सेमी से 20 सेमी तक की भारी बारिश हो सकती है। इससे जनजीवन पर असर पड़ सकता है और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने की जरूरत है।

इस बीच, वायनाड जिले के मुंडक्कई-चूरलमाला क्षेत्र में लगातार बारिश के चलते चूरलमाला नदी में तेज़ उफान आ गया है। नदी का गंदा और तेज़ बहाव वाला पानी बेली ब्रिज के पास किनारों को काटता जा रहा है, जिससे पुल और आसपास के इलाकों को नुकसान पहुंच रहा है।

राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग हालात पर नज़र बनाए हुए हैं और लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है।

AR रहमान और J-Hope के बीच सहयोग की अटकलें, बीटीएस स्टार ने ‘यारा’ गाने पर बढ़ाया ट्रेंड

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ऑस्कर विजेता भारतीय संगीतकार AR रहमान ने हाल ही में अमेरिकी संगीतकार और निर्माता फैरेल विलियम्स के साथ मिलकर एक नया पंजाबी ट्रैक ‘यारा’ तैयार किया है। यह जोशीला और एनर्जेटिक गाना पेरिस फैशन वीक 2025 में Louis Vuitton के स्प्रिंग/समर कलेक्शन के दौरान पहली बार प्रस्तुत किया गया। इस गाने ने जैसे ही सोशल मीडिया पर दस्तक दी, तुरंत ही वायरल हो गया और लोगों का भरपूर प्यार बटोर रहा है।

इस गाने को और भी खास बना दिया BTS के लोकप्रिय सदस्य J-Hope ने, जिन्हें फैशन शो के दौरान फ्रंट रो में बैठा देखा गया। वह ‘यारा’ की धुन पर सिर हिलाते और झूमते नजर आए, जिससे भारतीय संगीत प्रेमियों के साथ-साथ के-पॉप फैंस में भी उत्साह की लहर दौड़ गई। इस एक पल ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया और AR रहमान व J-Hope के संभावित सहयोग की चर्चाएं शुरू हो गईं।

AR रहमान ने शो से जुड़ा एक वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा करते हुए लिखा,
“@Louis Vuitton #पेरिसफैशनवीक के लिए ‘यारा’ गाने पर @फैरेल के साथ काम करना मजेदार रहा।”
यह वीडियो कई कारणों से वायरल हो गया, खासकर J-Hope की मौजूदगी और गाने की धुनों की वजह से।

गाने का पूरा ट्रैक जल्द ही रिलीज होने वाला है, ऐसा दावा एक म्यूजिक फैन पेज ने वीडियो शेयर करते हुए किया है। फैन्स इस गाने को लेकर बेहद उत्साहित हैं और कमेंट्स में AR रहमान और J-Hope के साथ काम करने की इच्छा व्यक्त कर रहे हैं।

कुछ प्रशंसकों की प्रतिक्रियाएं इस प्रकार रहीं:

  • “J-Hope को भारतीय संगीत का आनंद लेते हुए देखकर गर्व महसूस हो रहा है।”
  • “क्या ही शानदार पल होगा अगर रहमान और J-Hope साथ में कोई गाना बनाएं।”
  • “’यारा’ BTS आर्मी के लिए नया फेवरेट ट्रैक बन गया है।”

इस बीच, एआर रहमान और उनके बेटे AR अमीन ने पेरिस में फैरेल विलियम्स के साथ समय बिताया। फैशन शो के बाद की पार्टी में रहमान की मुलाकात प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक स्पाइक ली से भी हुई, जिसकी एक झलक उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर साझा की।

इस नए म्यूजिक ट्रैक ने न सिर्फ भारतीय और अंतरराष्ट्रीय संगीत प्रेमियों को जोड़ा है, बल्कि भारत और के-पॉप फैंडम के बीच एक नया सेतू भी बना दिया है। अब सभी को इंतजार है ‘यारा’ के आधिकारिक रिलीज और शायद एक दिन AR रहमान व J-Hope के वास्तविक म्यूजिकल कोलैबोरेशन का।

Nvidia 4% की उछाल के बाद दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी

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बुधवार को शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल के बाद एनविडिया (Nvidia) दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी बन गई है। अमेरिकी चिप निर्माता कंपनी के शेयरों में 4% से अधिक की बढ़त दर्ज की गई, जिससे उसका कुल बाजार पूंजीकरण लगभग $3.763 ट्रिलियन तक पहुंच गया। इस वृद्धि ने Nvidia को माइक्रोसॉफ्ट से आगे निकलने में मदद की, जिसका बाजार मूल्य अब $3.658 ट्रिलियन है। इस तरह माइक्रोसॉफ्ट अब वैश्विक स्तर पर दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी बन गई है।

Nvidia के शेयर बुधवार को 4.33% की तेजी के साथ $154.10 के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गए। यह तेजी लूप कैपिटल (Loop Capital) की ओर से जारी एक सकारात्मक रिपोर्ट के बाद आई, जिसमें कंपनी के शेयर का मूल्य लक्ष्य $175 से बढ़ाकर $250 कर दिया गया। लूप कैपिटल ने Nvidia पर अपनी “खरीदें” (Buy) रेटिंग को भी बरकरार रखा।

लूप कैपिटल के विश्लेषक आनंद बरुआ ने एक नोट में बताया कि Nvidia एक ऐसे “भौतिक चरण” में प्रवेश कर रही है, जहां मांग अपेक्षा से अधिक मजबूत रहने की संभावना है। उन्होंने खासतौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते उपयोग को रेखांकित किया और कहा कि बाजार अब जनरेटिव AI को अपनाने की “गोल्डन वेव” में प्रवेश कर चुका है।

हालांकि Nvidia के शेयर की कीमत में काफी वृद्धि हुई है, लेकिन यह अभी भी अगले 12 महीनों की अनुमानित आय के लगभग 30 गुना मूल्य पर कारोबार कर रहा है। LSEG के आंकड़ों के अनुसार, यह आंकड़ा पिछले पांच वर्षों के औसत 40 गुना से कम है। इसका मतलब है कि कंपनी की आय में तेजी से वृद्धि हो रही है, जो उसके शेयर मूल्य में आई उछाल को उचित ठहराती है।

Nvidia, माइक्रोसॉफ्ट और एप्पल के बीच दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी बनने की दौड़ लगातार चल रही है। अभी हाल ही में, जून की शुरुआत में माइक्रोसॉफ्ट ने Nvidia को पछाड़कर शीर्ष स्थान हासिल किया था, लेकिन अब Nvidia फिर से शीर्ष पर पहुंच गई है।

इसी दिन एप्पल के शेयरों में भी 0.63% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे कंपनी का बाजार मूल्य लगभग $3.010 ट्रिलियन हो गया। इसके साथ ही एप्पल तीसरे स्थान पर बनी हुई है।

बाजार पूंजीकरण के आधार पर दुनिया की टॉप 10 कंपनियां (जून 2025):

  1. एनविडिया (Nvidia) – $3.763 ट्रिलियन (4.33% की वृद्धि)
  2. माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) – $3.658 ट्रिलियन (0.44% की वृद्धि)
  3. एप्पल (Apple) – $3.010 ट्रिलियन (0.63% की वृद्धि)
  4. अमेज़न (Amazon) – $2.250 ट्रिलियन (0.37% की गिरावट)
  5. अल्फाबेट (Alphabet – Google की पैरेंट कंपनी) – $2.075 ट्रिलियन (2.24% की वृद्धि)
  6. मेटा प्लेटफॉर्म्स (Meta – फेसबुक) – $1.781 ट्रिलियन (0.49% की गिरावट)
  7. सऊदी अरामको (Saudi Aramco) – $1.569 ट्रिलियन (0.82% की गिरावट)
  8. ब्रॉडकॉम (Broadcom) – $1.244 ट्रिलियन (0.33% की वृद्धि)
  9. टीएसएमसी (TSMC – ताइवान सेमीकंडक्टर) – $1.155 ट्रिलियन (1.20% की वृद्धि)
  10. टेस्ला (Tesla) – $1.055 ट्रिलियन (3.79% की गिरावट)

AI और चिप सेक्टर में तेजी से बढ़ती मांग के चलते Nvidia ने एक बार फिर से यह साबित किया है कि वह तकनीकी क्षेत्र की सबसे बड़ी और सबसे आगे दौड़ने वाली कंपनियों में से एक है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या माइक्रोसॉफ्ट और एप्पल निकट भविष्य में फिर से शीर्ष स्थान पर कब्जा कर पाते हैं या नहीं।

तेलंगाना हाईकोर्ट ने राज्य में 90 दिनों के भीतर स्थानीय निकाय चुनाव कराने का आदेश दिया

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तेलंगाना उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार और राज्य चुनाव आयोग (SEC) को 90 दिनों के भीतर राज्य में स्थानीय निकाय चुनाव कराने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति टी. माधवी देवी की अध्यक्षता वाली एकल पीठ ने बुधवार को दिया।

अदालत ने कहा कि ग्राम पंचायत चुनाव तीन महीने यानी 90 दिनों के भीतर कराए जाने चाहिए। इसके साथ ही राज्य सरकार को 30 दिनों के भीतर वार्डों का परिसीमन और आरक्षण प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया गया है।

गौरतलब है कि राज्य की 12,845 ग्राम पंचायतों, 5,817 मंडल परिषद प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों और 538 जिला परिषद प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों का कार्यकाल 30 जनवरी 2023 को समाप्त हो गया था। इसके बाद से इन स्थानीय निकायों का प्रशासन विशेष अधिकारियों के अधीन चल रहा है।

इस देरी के खिलाफ कई पूर्व सरपंचों ने उच्च न्यायालय में याचिकाएं दायर की थीं। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि सरकार द्वारा विशेष अधिकारियों की नियुक्ति असंवैधानिक है और यह तेलंगाना पंचायत राज अधिनियम का उल्लंघन करती है। उन्होंने कहा कि ये अधिकारी अन्य कार्यों में व्यस्त रहते हैं और स्थानीय समस्याओं के प्रति जवाबदेह नहीं हैं।

पूर्व सरपंचों ने यह भी बताया कि उन्होंने विकास कार्यों के लिए राज्य वित्त आयोग की ओर से आर्थिक सहायता के आश्वासन के आधार पर अपनी निजी राशि का उपयोग किया था, लेकिन अब सरकार से उन्हें कोई धन नहीं मिल रहा है। इसके अलावा, निर्वाचित निकायों के अभाव में केंद्र सरकार से भी योजनाओं के तहत धन नहीं मिल रहा है।

याचिकाकर्ताओं ने अदालत से मांग की कि या तो चुनाव शीघ्र कराए जाएं या फिर पूर्व सरपंचों को अस्थायी रूप से प्रशासनिक अधिकार दिए जाएं।

राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता इमरान खान ने दलील दी कि सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के अनुसार ओबीसी आरक्षण प्रक्रिया पूरी किए बिना चुनाव कराना संभव नहीं है। उन्होंने सरकार को इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए एक महीने का अतिरिक्त समय देने की मांग की।

वहीं, राज्य चुनाव आयोग की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता जी. विद्यासागर ने कहा कि वार्डों का परिसीमन और ओबीसी आरक्षण तय करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जैसे ही सरकार यह प्रक्रिया पूरी करती है, एसईसी चुनावी प्रक्रिया शुरू करेगा, जिसमें लगभग दो महीने का समय लगेगा।

इस पर न्यायमूर्ति माधवी देवी ने सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश का उल्लेख किया, जिसमें कहा गया है कि यदि सरकार समय पर कार्रवाई नहीं करती है, तो चुनाव आयोग को स्वयं पहल करनी चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि चुनाव आयोग ने अब तक ऐसी पहल क्यों नहीं की।

सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, उच्च न्यायालय ने आदेश दिया कि ग्राम पंचायत चुनाव 90 दिनों के भीतर कराए जाएं और राज्य सरकार 30 दिनों के भीतर आरक्षण प्रक्रिया और वार्ड परिसीमन का कार्य पूरा करे।

क्या विजय वर्मा अब फातिमा सना शेख को डेट कर रहे हैं?

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विजय वर्मा और तमन्ना भाटिया एक समय अपने कथित रिश्ते को लेकर सुर्खियों में थे। दोनों ने न सिर्फ अपने रिश्ते को स्वीकार किया, बल्कि शादी की योजना तक का संकेत दिया था। नेटफ्लिक्स की एंथोलॉजी फिल्म लस्ट स्टोरीज़ 2 की शूटिंग के दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और धीरे-धीरे यह दोस्ती प्यार में बदल गई। हालांकि, सब कुछ अच्छा चलते हुए भी इस साल मार्च में दोनों के रास्ते अलग हो गए, जिससे उनके प्रशंसक हैरान रह गए।

अब बॉलीवुड गलियारों में चर्चा है कि विजय वर्मा अभिनेत्री फातिमा सना शेख को डेट कर रहे हैं। दोनों को हाल ही में एक साथ देखा गया और उनकी कुछ तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं। हालांकि, इस मुलाकात के पीछे एक और वजह भी हो सकती है — विजय और फातिमा एक साथ गुस्ताख इश्क नामक एक आगामी फिल्म में काम कर रहे हैं। इस फिल्म का निर्देशन विभु पुरी कर रहे हैं और इसमें नसीरुद्दीन शाह और शारिब हाशमी भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे।

फिलहाल, विजय और फातिमा के बीच रिश्ते को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। न ही विजय वर्मा और न ही फातिमा सना शेख ने इन अफवाहों पर कोई बयान दिया है। ऐसे में यह कहना जल्दबाजी होगी कि दोनों वाकई एक-दूसरे को डेट कर रहे हैं। फिलहाल यह सब महज मीडिया की अटकलें हैं।

फैन्स अब दोनों की ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री को देखने के लिए उत्साहित हैं और यह देखने के लिए भी कि क्या ये अफवाहें सच्चाई में बदलती हैं या सिर्फ एक फिल्म की प्रमोशनल गूंज बनकर रह जाती हैं।

नाटो प्रमुख ने ट्रंप की “डैडी” वाली टिप्पणी को किया स्पष्ट

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नाटो महासचिव मार्क रूटे ने बुधवार को अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ एक द्विपक्षीय संवाददाता सम्मेलन के दौरान की गई अपनी एक टिप्पणी को स्पष्ट करने की कोशिश की, जो काफी चर्चा का विषय बन गई थी। रूटे ने स्पष्ट किया कि उन्होंने ट्रंप को “डैडी” नहीं कहा था और यह टिप्पणी केवल एक मजाक के तौर पर की गई थी।

रूटे ने बाद में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “डैडी वाली बात… मैंने उन्हें ‘डैडी’ नहीं कहा।” उन्होंने बताया, “मैंने बस यह कहा कि कभी-कभी यूरोप में मैं कुछ देशों को यह कहते हुए सुनता हूं, ‘अरे, मार्क, क्या अमेरिका अब भी हमारे साथ है?’ और मैंने कहा कि यह थोड़ा ऐसा लगता है जैसे कोई छोटा बच्चा अपने डैडी से पूछ रहा हो, ‘क्या आप अभी भी हमारे साथ रहेंगे?’ इस संदर्भ में मैंने ‘डैडी’ शब्द का इस्तेमाल किया – इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं था कि मैं राष्ट्रपति ट्रंप को डैडी कह रहा था।”

यह टिप्पणी तब चर्चा में आई जब रूटे ने इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव पर ट्रंप की प्रतिक्रिया का उल्लेख करते हुए “डैडी” शब्द का उपयोग किया। उन्होंने यह भी मजाक किया कि ट्रंप ने मध्य पूर्वी देशों को फटकार लगाने के लिए सख्त भाषा (एफ-शब्द) का प्रयोग किया।

रूटे ने मुस्कुराते हुए कहा, “कभी-कभी डैडी को सख्त भाषा का इस्तेमाल करना पड़ता है।”

इसके जवाब में ट्रंप ने भी हल्के-फुल्के अंदाज़ में इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी। एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान उन्होंने हंसते हुए कहा, “हालांकि उन्होंने यह बहुत स्नेह से कहा, ‘डैडी, आप मेरे डैडी हैं।'” इस पर उनके साथ खड़े अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भी मुस्कराने लगे।

इस पूरे घटनाक्रम को दोनों नेताओं ने मजाक के तौर पर लिया, लेकिन इसने अंतरराष्ट्रीय मीडिया और सोशल मीडिया पर खासा ध्यान खींचा।

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में बस हादसा: अलकनंदा नदी में गिरी बस, 11 लोग लापता

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उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में एक बड़ा सड़क हादसा हुआ है। 18 यात्रियों को लेकर जा रही एक बस अनियंत्रित होकर अलकनंदा नदी में गिर गई, जिसमें कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई है और 10 अन्य अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव कार्य जारी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब बस ऊपर की ओर जा रही थी और चालक का वाहन पर नियंत्रण टूट गया, जिससे बस सीधे नदी में जा गिरी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव अभियान शुरू किया। अब तक सात लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। घायल यात्रियों को तत्काल स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, एक यात्री की मौके पर ही मौत हो गई है जबकि अन्य 10 लोगों की तलाश जारी है। नदी के तेज बहाव और मुश्किल भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद बचाव दल लगातार राहत कार्यों में जुटे हुए हैं।

घटनास्थल से मिले दृश्यों में स्थानीय लोग और बचावकर्मी मिलकर मानव श्रृंखला बनाते नजर आ रहे हैं ताकि घायल यात्रियों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जा सके। कुछ लोग घायलों को पहाड़ी पर चढ़ने में मदद करते हुए भी दिखाई दिए।

पुलिस, प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद हैं और पूरे बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे अफवाहें न फैलाएं और बचाव कार्यों में बाधा न डालें।

यह हादसा एक बार फिर उत्तराखंड के दुर्गम इलाकों में सड़क सुरक्षा और वाहन नियंत्रण की चुनौतियों को उजागर करता है। घटनास्थल पर राहत कार्य अभी भी जारी है और लापता यात्रियों की तलाश के लिए टीमें प्रयासरत हैं।

जसबीर जस्सी ने दिलजीत का किया बचाव, दोहरे मापदंडों पर उठाए सवाल

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दिलजीत दोसांझ इन दिनों अपनी आगामी पंजाबी फिल्म “सरदार जी 3” को लेकर विवादों में घिर गए हैं। फिल्म में पाकिस्तानी अभिनेत्री हानिया आमिर की कास्टिंग को लेकर सोशल मीडिया पर दिलजीत को आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। इस विवाद के बीच प्रसिद्ध पंजाबी गायक जसबीर जस्सी ने दिलजीत का समर्थन करते हुए भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में मौजूद दोहरे मानदंडों पर सवाल उठाए हैं।

जसबीर जस्सी का बयान

NDTV से बातचीत में जसबीर जस्सी ने कहा:

“मैं देख रहा हूँ कि दिलजीत दोसांझ और उनकी फिल्म को सोशल मीडिया पर किस तरह से विरोध का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि उस फिल्म में एक पाकिस्तानी कलाकार भी है। मैं लोगों की भावनाओं का सम्मान करता हूँ कि हमें अपने देश से प्यार करना चाहिए और हमें अपने देश के साथ खड़ा होना चाहिए। लेकिन ये दोहरे मापदंड क्यों?”

उन्होंने आगे कहा:

“अगर आप नहीं चाहते कि कोई पाकिस्तानी कलाकार किसी भारतीय फिल्म में गाए, अभिनय करे या काम करे, तो आप उन्हें पूरी तरह प्रतिबंधित करना चाहते हैं। लेकिन हमारी इंडस्ट्री के 80% गाने चुराए गए हैं — चाहे वो धुनें हों, शब्द हों या पूरे गाने। हमारी फिल्मों में बहुत सारे गाने हैं जो पाकिस्तान के कलाकारों ने गाए हैं… तो, ये दोहरे मापदंड क्यों?”

“या तो यूट्यूब, स्पॉटिफाई और दूसरे डिजिटल प्लेटफॉर्म से सारे गाने हटा दीजिए। लेकिन ऐसा नहीं है कि आप किसी एक कलाकार को लेकर उसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दें। यह ऐसा है जैसे कोई आपके घर खाने के लिए कुछ लेकर आए और फिर आप उसे दुश्मन कहने लगें, लेकिन आप उसके साथ लाई गई चीजें या मिठाइयां खाते रहें। अगर आप (पाकिस्तानी कलाकारों को) बैन करना चाहते हैं, तो उन्हें पूरी तरह बैन कर दीजिए। दुनिया में मौजूद सभी कंटेंट को हटा दीजिए।”

फिल्म को लेकर विवाद

सरदार जी 3, जिसमें दिलजीत दोसांझ और नीरू बाजवा मुख्य भूमिका में हैं, को हानिया आमिर के कारण आलोचना झेलनी पड़ रही है। यह फिल्म भारत में रिलीज नहीं हो रही है, बल्कि यह 27 जून को केवल विदेशों में रिलीज की जा रही है।

यह विवाद ऐसे समय पर सामने आया है जब 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले और 7 मई को भारत द्वारा किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भारत-पाक संबंधों में तनाव बढ़ा है। भारत ने इस ऑपरेशन में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले किए थे।

इस परिस्थिति में ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) और फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने दिलजीत दोसांझ और उनकी सभी आगामी परियोजनाओं पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। वहीं, गायक मीका सिंह ने दिलजीत से इस पूरे मामले को लेकर माफी मांगने की बात कही है।

इस पूरे विवाद में जसबीर जस्सी की टिप्पणी न केवल दिलजीत दोसांझ के समर्थन में आई है, बल्कि उन्होंने पूरे फिल्म और म्यूज़िक इंडस्ट्री में सीमापार कलाकारों को लेकर अपनाए जा रहे पक्षपातपूर्ण रवैये पर भी सवाल उठाए हैं। उनका मानना है कि अगर कोई नियम लागू करना है, तो उसे सब पर समान रूप से लागू किया जाना चाहिए — न कि केवल चुनिंदा कलाकारों को निशाना बनाया जाए।

‘पंचायत सीजन 4’ का फिनाले रहा निराशाजनक, IMDb पर मिली अब तक की सबसे कम रेटिंग

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नीना गुप्ता और जीतेंद्र कुमार अभिनीत लोकप्रिय वेब सीरीज ‘पंचायत’ के चौथे सीजन को रिलीज़ के बाद दर्शकों से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं मिली हैं। जहां कुछ दर्शकों ने सीरीज के भावनात्मक और यथार्थवादी पक्ष की तारीफ की, वहीं कई दर्शकों ने इसके फिनाले को अब तक का सबसे कमजोर अंत बताया।

सीजन 4 का अंतिम एपिसोड ‘दबदबा’ विशेष रूप से आलोचनाओं के घेरे में है और इसे सीरीज के अन्य फिनाले एपिसोड्स की तुलना में सबसे कम रेटिंग प्राप्त हुई है। IMDb पर इसे 8.4 रेटिंग मिली है, जो पिछले तीन सीजन के मुकाबले काफी कम है।

पहले के सीजन फिनाले की रेटिंग:

  • सीजन 1 का अंतिम एपिसोड ‘जब जागो तभी सवेरा’8.8
  • सीजन 2 का फिनाले ‘परिवार’9.6
  • सीजन 3 का फिनाले ‘हमला’9.0
  • सीजन 4 का फिनाले ‘दबदबा’8.4

सोशल मीडिया पर दर्शकों की निराशा

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म x (पूर्व में ट्विटर) पर भी दर्शकों ने अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की है। एक यूजर ने लिखा, “पूरा देख लिया…पूरी तरह निराश हूं। कुछ हिस्सों में तो यह धीमा और उबाऊ है। खासियत वाली कॉमेडी की कमी है… अप्रत्याशित गिरावट।”

एक अन्य यूजर ने कहा, “मुझे अंत से वाकई निराशा हुई। लेकिन मैं समझ सकता हूं कि उन्हें अगले सीजन के लिए तैयारी करनी थी।”

एक दर्शक ने लिखा, “मुझे पंचायत का नया सीजन 4 पसंद नहीं आया… बहुत ज्यादा खराब राजनीति… इसके अलावा अंत भी अच्छा नहीं है। उन्होंने इसे इस तरह क्यों बनाया और एक अच्छी सीरीज को बर्बाद कर दिया?”

एक अन्य ने मजाकिया अंदाज़ में कहा, “पंचायत सीजन 4 ऐसा लगा जैसे आप किसी शादी में जा रहे हैं जिसमें आप जाना नहीं चाहते थे, लेकिन आपको अंत तक बैठने के लिए मजबूर किया जाता है।”

सीजन 4 की कहानी और रिलीज़

‘पंचायत सीजन 4’ का प्रीमियर 24 जून 2025 को अमेज़न प्राइम वीडियो पर हुआ। इस बार की कहानी फुलेरा गांव में होने वाले चुनावी माहौल और उससे जुड़े तनावपूर्ण घटनाक्रम पर केंद्रित है। इस सीजन में भी जीतेंद्र कुमार ने सचिव जी की भूमिका निभाई है, जबकि नीना गुप्ता, रघुबीर यादव, फैजल मलिक, चंदन रॉय, दुर्गेश कुमार, सुनीता राजवार और पंकज झा ने अपने-अपने किरदारों में वापसी की।

हालांकि सीरीज को रिलीज़ के कुछ ही घंटों बाद पायरेसी का सामना करना पड़ा, और इसके सभी आठ एपिसोड अवैध प्लेटफॉर्म्स पर लीक हो गए, जिससे इसकी व्यूअरशिप और अनुभव पर भी असर पड़ा।

क्या आगे कुछ बेहतर होगा?

दर्शकों की शिकायतों के बीच, कुछ फैंस अब उम्मीद कर रहे हैं कि मेकर्स सीजन 5 में कहानी को फिर से पुराने पंचायती अंदाज़ और हास्य-भाव से जोड़ेंगे और सीरीज को उसकी मूल सादगी और संवेदना की ओर वापस ले जाएंगे।

‘पंचायत’ सीरीज को शुरुआत से ही छोटे गांव की वास्तविकता, सादगी और हल्के-फुल्के हास्य के लिए पसंद किया गया है। लेकिन सीजन 4 के फिनाले ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या इस लोकप्रिय शो ने अब अपनी दिशा भटका दी है या आगे की कहानी के लिए यह केवल एक मोड़ है?