• Fri. Sep 17th, 2021

जूनियर बेसिक टीचर (जेबीटी) भर्ती घोटाले में 10 साल की सजा काट रहे हरियाणा के पूर्व सीएम ओमप्रकाश चौटाला अब तिहाड़ जेल से रिहा हो सकते हैं। तिहाड़ जेल प्राधिकरण ने उनके वकील अमित साहनी को जानकारी दी है कि हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी ओम प्रकाश चौटाला ने जेबीटी (जूनियर बेसिक ट्रेनिंग) मामले में अपनी सजा पूरी कर ली है और वह विशेष छूट के पात्र हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में उनकी विधिवत रिहाई की प्रक्रिया पूरी हो सकती है। तिहाड़ जेल प्राधिकरण की ओर से यह भी कहा गया है कि जब भी ओम प्रकाश चौटाला औपचारिक रूप से जेल प्राधिकरण के सामने आत्मसमर्पण करेंगे तो उन्हें रिहा कर दिया जाएगा क्योंकि वह वर्तमान में पैरोल पर हैं।

ओम प्रकाश चौटाला के वकील की तरफ से बताया गया है कि मंगलवार रात को उनकी सजा पूरी हो गई है। कुछ कागज कार्रवाई बची हुई है वह पूरा होते ही आधिकारिक तौर पर रिहाई के आदेश जारी हो जाएंगे। हालांकि ओम प्रकाश चौटाला अभी तिहाड़ जेल से बाहर ही है ऐसे में उनको अब जेल जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वकील का कहना है कि सजा होने से मंगलवार तक सरकारी छूट समेत सभी मिलाकर ओम प्रकाश चौटाला की सजा पूरी हो गई है। बता दें कि जेबीटी भर्ती घोटाले में साल 2013 में पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला को 10 साल की सजा सुनाई गई थी

गौरतलब है कि ओम प्रकाश चौटालान जूनियर बेसिक टीचर (जेबीटी) भर्ती घोटाले में 10 साल की सजा काट रहे थे। दरअसल, 2018 में केंद्र सरकार ने एक नया नियम बनाया था कि 60 साल या उससे अधिक के ऐसे पुरुष कैदियों जिन्होंने अपनी आधी सजा पूरी कर ली है, उन्हें विशेष माफी योजना के तहत रिहा किया जाएगा। पूर्व सीएम ओमप्रकाश चौटाला ने दिल्ली हाई कोर्ट ने इसी का आधार लेकर याचिका दायर की थी कि उनकी सजा 5 साल से ज्याद पूरी होगी है और उनकी उम्र भी 89 साल है। ऐसे में उनकी सजा माफ की जाए।

जानिये- क्या था जेबीटी घोटाला

  1. नवंबर, 1999 में हरियाणा में 3206 शिक्षक पदों का विज्ञापन जारी हुआ।
  2. अप्रैल 2000 में रजनी शेखर सिब्बल को प्राथमिक शिक्षा निदेशक नियुक्त किया गया।
  3. जुलाई 2000 में रजनी शेखर को पद से हटाकर संजीव कुमार को निदेशक बनाया गया।
  4. दिसंबर 2000 में भर्ती प्रक्रिया पूरी हुई और 18 जिलों में जेबीटी शिक्षक नियुक्त हुए।
  5. जून 2003 में संजीव कुमार इस मामले में धांधली होने का हवाला देकर मामले को सुप्रीम कोर्ट ले गए।
  6. नवंबर 2003 में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को जांच करने के आदेश दिए।
  7. मई 2004 में सीबीआई ने जांच शुरू की।
  8. जुलाई 2011 में सभी आरोपितों के खिलाफ चार्ज फ्रेम हुए
  9. दिसंबर 2012 में केस की सुनवाई पूरी हुई।
  10. 16 जनवरी 2013 को ओमप्रकाश चौटाला और उनके पुत्र अजय चौटाला समेत 55 दोषी करार दिए गए।
  11. 22 जनवरी को 10-10 साल की सजा सुनाई गई।

 

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