• 15/08/2022 12:49 am

#Corona #Vaccine Update: अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव से पहले लगेगा टीका, ट्रंप ने राज्यों से तैयारी करने को कहा

अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव (US Presidential Election) 3 नवंबर को होंगे। इससे दो दिन पहले 1 नवंबर को अमेरिकी नागरिकों को कोरोना वायरस का वैक्सीन (Corona virus vaccine) लगने लगेगा। यह दावा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने किया है। ट्रंप ने सभी अमेरिकी राज्यों को निर्देश दिया है कि ने 1 नवंबर से लोगों को कोरोना वायरस का टीका लगाने की तैयारियां पूरी कर लें। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी राज्यों से राष्ट्रपति चुनाव से दो दिन पहले कोविड-19 वैक्सीन वितरित करने के लिए तैयार रहने का आग्रह किया है। हालांकि, ट्रंप के इस दावे के राष्ट्रपति चुनाव से जोड़कर भी देखा जा रहा है। उनके आलोचकों का कहना है कि यह चुनाव से पहले लोगों को लुभाने की एक चाल भर है।

अमेरिका में कोरोना वायरस की वैक्सीन वितरित करने के लिए तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू हो गई हैं। डलास स्थित मैक्केसन कॉर्प (McKesson Corp) ने इसके लिए अमेरिका की फेडरल सरकार से डील की है। कंपनी ने पूरे देश में कोरोना वायरस की वैक्सीन उपलब्ध कराने के लिए डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर स्थापित करने के लिए परमिट की मांग की है। हालांकि, अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसी सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन (CDC) के निदेशक रॉबर्ट रेडफील्ड ने कहा कि इन परमिटों को प्राप्त करने में लगने वाला समय ही इस सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की सफलता में सबसे बड़ी बाधा है। उन्होंने कहा कि CDC कोरोना वैक्सीन की वितरण सुविधाओं में तेजी लाने के लिए सरकार से आग्रह करेगी।

फ्री में मिलेगी वैक्सीन

CDC और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की एक कमेटी एक रैंकिंग व्यवस्था पर काम कर रही है, जिसके तहत वरीयता के आधार पर वैक्सीन दी जाएगी। CDC ने अमेरिकी राज्यों को वैक्सीन रोलआउट योजना का विवरण दिया है। इसमें कहा गया है कि वैक्सीन लेने वाले लोगों को पहले डोज के कुछ हफ्ते बाद दूसरी बूस्टर डोज लेनी पड़ेगी। इसमें यह भी कहा गया है कि यह वैक्सीन लोगों को फ्री में दी जाएगी। इसके लिए राज्य सरकारें लोगों से कोई चार्ज नहीं वसूल सकती हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, स्वीकृति मिलने पर यह वैक्सीन सबसे पहले चिकित्सा और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों को दी जाएगी। इसके बाद आवश्यक सेवाओं से जुड़े अधिकारियों को वैक्सीन दी जाएगी, जिन्हें कोरोना महामारी से ज्यादा खतरा है। इसके बाद वैक्सीन बुजुर्गों और अन्य लोगों को लगाई जाएगी।

तीन कंपनियां हैं रेस में

अमेरिका में कोरोना वायरस वैक्सीन बनाने की रेस में तीन कंपनियां आगे चल रही हैं। इन कंपनियों की वैक्सीन क्लीनिकल ट्रायल के तीसरे चरण में हैं, जिनमें हजारों वॉलंटियर्स पर ट्रायल हो रहा है। पहली कंपनी एस्ट्राजेनेका (AstraZeneca) है जो इंग्लैंड की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ पार्टनर्शिप में वैक्सीन बना रही है, दूसरी कंपनी मॉडर्ना (Moderna) है जो अमेरिकी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के साथ वैक्सीन डेवलप कर रही है और तीसरी कंपनी फाइजर(Pfizer) है। हालांकि, जिस तरह से अब तक के ट्रायल के परिणाम सामने आए हैं, इससे यह अंदाजा लगाना मुश्किल है कि तीसरे फेज के ट्रायल के परिणाम कब तक आएंगे।

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