• Sat. Oct 31st, 2020

#Corona #Vaccine India: भारत के पास 2021 की शुरुआत में होगी कोरोना वैक्सीन, जानिए कीमत

भारत (India) के पास साल 2021 की पहली तिमाही के भीतर अप्रूव्ड (approved) कोरोना वायरस (COVID-19) की वैक्सीन उपलब्ध होगी। साथ ही पैमाने के हिसाब से पुणे (Pune) स्थित दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीन निर्माता सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया यानी SII (Serum Institute of India) अपनी पहली वैक्सीन (First Vaccine) वितरित करने की स्थिति में होगा। यह जानकारी एक शीर्ष वॉल स्ट्रीट रिसर्च और ब्रोकरेज फर्म, बर्नस्टीन रिसर्च (Bernstein report) की गुरुवार की रिपोर्ट से मिली है।

 

Bernstein Report का कहना है, वैश्विक रूप से 4 उम्मीदवार ऐसे हैं जो वर्तमान साल 2020 के अंत या 2021 की शुरुआत तक वैक्सीन के अप्रूवल के करीब हैं। साझेदारी के माध्यम से भारत के पास दो हैं, पहला AZ/Oxford का वायरल वेक्टर वैक्सीन और Novavax का प्रोटीन सब-यूनिट वैक्सीन के साथ AZ/Oxford वैक्सीन। न्यूज एजेंसी IANS के मुताबिक रिपोर्ट में कहा गया है कि SII को अपनी मौजूदा क्षमता और योग्यता के आधार पर अप्रूवल के समय, क्षमता और मूल्य निर्धारण के मद्देनजर एक या दोनों पार्टनरशिप वाले वैक्सीन कैंडीडेट्स के व्यवसायीकरण के लिए सबसे अच्छी स्थिति में रखा गया है।

इन दोनों कैंडीडेट्स के पहले चरण और बाकी चरणों के ट्रायल्स के डेटा सुरक्षा के संदर्भ में और इम्यूनिटि प्रतिक्रिया प्राप्त करने की वैक्सीन की क्षमता’ को लेकर आशाजनक नजर आ रहे हैं। रिपोर्ट में भारत के वैश्विक क्षमता समीकरण को लेकर उत्साहित करने वाली प्रतिक्रिया व्यक्त की गई है साथ ही इसके मैन्यूफैक्चरिंग पैमाने को चुनौतियों का सामना नहीं करने की उम्मीद भी जताई गई है।

3 डॉलर होगी कीमत

रिपोर्ट का कहना है कि Serum Institute साल 2021 में 60 करोड़ खुराक और साल 2022 में 100 करोड़ खुराक की आपूर्ति कर सकती है, वहीं Gavi, The Vaccine Alliance और निम्न और मध्यम आय बाजारों के लिए कंपनी की प्रतिबद्धता के मद्देनजर भारत में साल 2021 में इन खुराकों में से 40 से 50 करोड़ खुराक उपलब्ध होना चाहिए। रिपोर्ट का अनुमान है कि सरकारी और निजी बाजार के बीच वैक्सीन की मात्रा 55:45 हो जाएगी। SII ने घोषणा की है कि गावी हर खुराक के लिए 3 डॉलर का भुगतान करेगा। Bernstein Report में कहा गया है कि अनुमान के तौर पर सरकार के लिए प्रति खुराक खरीद मूल्य 3 डॉलर और उपभोक्ताओं के लिए प्रति खुराक मूल्य 6 डॉलर होने की संभावना है।

रिपोर्ट में आगे कहा गया है है कि हमारा मानना है कि इन क्षमताओं तक सरकारी चैनलों की पहुंच पहले होगी, लेकिन साथ ही यह भी विश्वास है कि इसके लिए बड़ा निजी बाजार भी होगा। फंडिंग, मैनपावर और डिलीवरी इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में सरकार अपने दम पर बोझ उठाने के लिए संघर्ष करेगी और हम उम्मीद करते हैं कि निजी बाजार भी इस ओर कदम उठाएंगे।

3 अन्य भारतीय कंपनियां वैक्सीन पर कर रही हैं काम

रिपोर्ट में SII के अलावा करीब 3 अन्य भारतीय फार्मा कंपनियों की जानकारी दी गई है, जो अपने स्वयं के वैक्सीन कैंडीडेट्स पर काम कर रही हैं और वे वर्तमान में पहले और दूसरे चरण में हैं। ये कंपनियां Zydus Cadila, Bharat Biotech और Biological E हैं। SII, Bharat Biotech, Biological E और कुछ छोटी कंपनियों को मिलाकर भारत हर साल विभिन्न वैक्सीन की करीब 230 करोड़ खुराक का उत्पादन करता है।

विश्व स्तर पर SII अकेले ही 150 करोड़ खुराक की क्षमता वाले वैक्सीन का सबसे बड़ा निर्माता है। वैश्विक स्तर पर हर 3 में से 2 बच्चों को SII की ओर से निर्मित एक वैक्सीन मिलती है। SII ने इस अगस्त की शुरुआत में भारत और Low and Middle Income Countries (LMIC) के लिए कोरोना वैक्सीन की 10 करोड़ खुराक तक के निर्माण और वितरण में तेजी लाने के लिए गावी द वैक्सीन अलायंस और बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के साथ साझेदारी की।

 

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