Wednesday, May 6, 2026

RBI के हस्तक्षेप से रुपये को सहारा, 85.37 पर हुआ बंद

शुक्रवार को भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले मजबूत होकर 85.37 के स्तर पर बंद हुआ। हालांकि दिन के दौरान यह कमजोर होकर 85.85 के निचले स्तर तक पहुंच गया था। इस सुधार में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की भूमिका अहम रही, जिसने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के माध्यम से डॉलर की बिक्री कर विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप किया। पिछले कारोबारी सत्र में रुपया 85.71 पर बंद हुआ था।

हालांकि दिन के अंत में कुछ सुधार देखने को मिला, लेकिन रुपये ने बीते कुछ हफ्तों में अपनी सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट दर्ज की है। इसकी मुख्य वजह भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव मानी जा रही है, जिससे निवेशकों की धारणा कमजोर हुई और करीब 1% की गिरावट दर्ज की गई। इसके चलते सॉवरेन बॉन्ड से भी पूंजी की निकासी शुरू हो गई। दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों पक्षों ने लगातार तीसरे दिन ड्रोन और तोपखाने तैनात किए हैं, जिससे यह स्थिति लगभग तीन दशकों में सबसे गंभीर संघर्ष के रूप में सामने आई है।

हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और पाकिस्तान दोनों के पास मध्यम अवधि में इस संघर्ष को बढ़ने से रोकने के लिए ठोस आर्थिक कारण और प्रोत्साहन मौजूद हैं। फिर भी, उन्होंने इस क्षेत्र में बढ़ती अनिश्चितता की चेतावनी दी है और कहा कि भू-राजनीतिक घटनाएं तेजी से बदल सकती हैं।

इस तनाव का असर घरेलू शेयर बाजार पर भी पड़ा। निफ्टी 50 शुक्रवार को 1% से अधिक टूट गया। सरकारी बांड बाजार भी दिन की शुरुआत में कमजोर रहा, लेकिन बाद में उसमें कुछ स्थिरता आई। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी घबराहट देखने को मिली, जहां एक महीने का डॉलर-रुपया नॉन-डिलीवेरेबल फॉरवर्ड (NDF) अनुबंध अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।

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