टाटा मोटर्स के बहुप्रतीक्षित विभाजन की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुँच चुकी है। शेयरधारकों की मंजूरी मिलने के बाद अब सभी की नजरें इस ऐतिहासिक फैसले के क्रियान्वयन और इसके संभावित प्रभावों पर टिकी हैं। कंपनी किस प्रकार से विभाजित होगी, और मौजूदा शेयरधारकों को इसका क्या लाभ या असर देखने को मिलेगा—यहाँ हम आपको बता रहे हैं इस बड़े कॉर्पोरेट घटनाक्रम से जुड़ी 5 महत्वपूर्ण बातें।
1. विभाजन कब होगा?
हालाँकि टाटा मोटर्स के विभाजन को शेयरधारकों की मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन वास्तविक विभाजन में अभी थोड़ा समय बाकी है। कंपनी को उम्मीद है कि यह प्रक्रिया वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही तक पूरी हो जाएगी। इसका मतलब है कि कंपनी के पास लगभग एक साल का समय है दोनों डिवीजनों को स्वतंत्र संस्थाओं के रूप में स्थापित करने और उन्हें स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध करने के लिए।
2. शेयरधारकों की जबरदस्त सहमति
इस विभाजन को लेकर टाटा मोटर्स के शेयरधारकों ने भरपूर समर्थन जताया है। 99.9995% वोट इस प्रस्ताव के पक्ष में गए, जो कॉर्पोरेट इतिहास में लगभग सर्वसम्मति मानी जाती है। कुल 2.73 अरब शेयरों में से केवल 13,700 वोट ही विरोध में पड़े। यह दर्शाता है कि निवेशकों को कंपनी के इस कदम पर पूरा भरोसा है।
3. अब एक कंपनी दो हिस्सों में बंटेगी
विभाजन के बाद टाटा मोटर्स दो स्वतंत्र और सूचीबद्ध कंपनियों में बंट जाएगी:
- पहली कंपनी: पैसेंजर व्हीकल्स (PV) व्यवसाय के लिए होगी, जिसमें इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs) और लग्जरी ब्रांड जगुआर लैंड रोवर (JLR) शामिल होंगे।
- दूसरी कंपनी: कमर्शियल व्हीकल्स (CV) व्यवसाय के लिए होगी, जिसमें ट्रक, बसें आदि शामिल हैं।
मौजूदा हर शेयरधारक को उनके पास मौजूद हर एक टाटा मोटर्स (TML) शेयर के बदले नई कमर्शियल व्हीकल कंपनी (TMLCV) का एक शेयर मिलेगा। दोनों कंपनियों के शेयरों का अंकित मूल्य 2 रुपये होगा।
4. शेयर बाजार में प्रतिक्रिया
विभाजन की खबर के बाद टाटा मोटर्स के शेयरों में अच्छा खासा उछाल देखा गया है। बीते दो दिनों में शेयर की कीमत 9% बढ़ी है, जबकि पिछले एक महीने में इसमें 16% की तेजी आई है। हालाँकि, लंबे समय के परिप्रेक्ष्य में देखें तो कंपनी के शेयरों को अभी भी कुछ चुनौतियाँ झेलनी पड़ रही हैं। पिछले छह महीनों में शेयर 15% गिरा है और बीते एक साल में इसमें 32% की गिरावट आई है।
5. लाभांश और तिमाही परिणाम पर नजर
टाटा मोटर्स 13 मई को वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही के परिणाम घोषित करने जा रही है। इसके साथ ही, बोर्ड द्वारा लाभांश पर भी चर्चा की जाएगी। यह समय कंपनी के प्रदर्शन को आंकने के लिहाज से बेहद अहम होगा, खासकर विभाजन से पहले।
टाटा मोटर्स का यह विभाजन न केवल कंपनी के भविष्य को आकार देगा, बल्कि इसके शेयरधारकों को भी दीर्घकालिक दृष्टिकोण से बेहतर मूल्य देने का अवसर देगा। दोनों नए व्यवसाय अब अपनी-अपनी रणनीतियों पर स्वतंत्र रूप से ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
