Sunday, May 24, 2026

वानखेड़े सम्मान के बाद रोहित शर्मा ने याद किए अपने गौरव के पल

IPL 2025 में रोहित शर्मा के प्रदर्शन और उनके भविष्य को लेकर चर्चाएं ज़ोरों पर हैं। जहां एक ओर उन्होंने हाल ही में चैंपियंस ट्रॉफी में भारतीय टीम की कप्तानी करते हुए शानदार खेल दिखाया, वहीं फ्रैंचाइज़ क्रिकेट में उनकी वापसी उतनी प्रभावशाली नहीं रही है। मुंबई इंडियंस के पूर्व कप्तान रोहित ने इस आईपीएल संस्करण में अब तक छह मैचों में सिर्फ 82 रन बनाए हैं, और उनका स्ट्राइक रेट 143.85 रहा है।

इससे उनके भविष्य को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं – क्या रोहित जून में शुरू होने वाले इंग्लैंड टेस्ट दौरे पर भारत की कप्तानी करेंगे? क्या वह इस दौरे के लिए उपलब्ध होंगे?

हालांकि इन तमाम अटकलों से दूर, रोहित शर्मा शुक्रवार को एक बेहद खास और भावुक पल का हिस्सा बने। मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) ने उन्हें अपनी नई टी20 लीग का चेहरा घोषित किया और साथ ही वानखेड़े स्टेडियम में एक स्टैंड का नाम उनके सम्मान में रखा। इस ऐतिहासिक क्षण पर रोहित बेहद भावुक दिखे।

उन्होंने कहा, “जब आप खेलना शुरू करते हैं, तो आपको नहीं पता होता कि आप कितना आगे जाएंगे। आप बस खेल से प्यार करते हैं, उसका पीछा करते हैं, और जो भी हासिल करते हैं, वो सपने से कम नहीं होता। लेकिन जब इस तरह का सम्मान मिलता है—अपने नाम पर एक स्टैंड—तो यह कुछ ऐसा है जिसकी मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी। जब मैं उस स्टैंड पर अपना नाम देखूंगा, तो यह मेरे लिए एक बेहद भावुक क्षण होगा।”

रोहित शर्मा, जिन्होंने मुंबई के मैदानों से अपनी क्रिकेट यात्रा शुरू की थी और आगे चलकर भारत को विश्व कप जिताया, इस सम्मान को मुंबई की समृद्ध क्रिकेट विरासत से जोड़ते हैं। उन्होंने वानखेड़े स्टेडियम के साथ अपने जुड़ाव को भी भावुकता के साथ याद किया।

उन्होंने कहा, “जब कोई क्रिकेट खेलना शुरू करता है, तो कोई नहीं सोचता कि एक दिन स्टेडियम में उसका नाम होगा। मुझे आज भी वो दिन याद हैं जब मैं सिर्फ रणजी ट्रॉफी की प्रैक्टिस देखने के लिए वानखेड़े स्टेडियम के बाहर खड़ा रहता था। शायद 2003 या 2004 की बात है।”

“हम आज़ाद मैदान में अपनी अंडर-14 और अंडर-16 की ट्रेनिंग खत्म करते थे, और फिर रेलवे ट्रैक पार करके वानखेड़े की ओर भागते थे, बस रणजी खिलाड़ियों की एक झलक पाने के लिए।”

“उस समय वानखेड़े के अंदर जाना कितना मुश्किल था, ये मैं जानता हूं। आज भी कोई अनजान व्यक्ति यूं ही अंदर नहीं जा सकता। लेकिन वो दिन मेरे लिए बेहद खास थे, और आज जब उसी स्टेडियम में मेरा नाम है, तो लगता है जैसे एक सपना सच हो गया हो,” रोहित ने कहा।

उनकी इस यात्रा ने यह साबित कर दिया कि मेहनत, जुनून और समर्पण से कोई भी सपना हकीकत बन सकता है।

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