उत्तर प्रदेश पुलिस ने रविवार को खुलासा किया कि मुस्कान रस्तोगी ने अपने पति सौरभ राजपूत की हत्या करने से पहले उसके नुस्खे में हेरफेर करके नींद की गोलियाँ खरीदी थीं।
मेडिकल स्टोर से खरीदी गईं गोलियाँ
पुलिस के अनुसार, ये गोलियाँ उषा मेडिकल स्टोर से खरीदी गई थीं। सौरभ राजपूत की हत्या की जाँच के दौरान इस मेडिकल स्टोर पर छापा मारा गया। मेरठ के ड्रग इंस्पेक्टर पीयूष शर्मा ने बताया,
“हमने पाया कि आरोपी महिला ने इसी स्टोर से दवाएँ खरीदी थीं। हम इस दुकान के सभी बिक्री रिकॉर्ड की जाँच कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या दवा खरीदने से पहले डॉक्टर का नुस्खा ज़रूरी था या इसे काउंटर पर ही बेचा जा सकता था।”
ड्रग इंस्पेक्टर के अनुसार, पिछले दो वर्षों के सभी बिक्री रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा,
“यदि किसी भी प्रकार का उल्लंघन पाया जाता है तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी और मेडिकल स्टोर का लाइसेंस रद्द किया जा सकता है। नींद की गोलियों जैसी अवसादरोधी दवाएँ केवल डॉक्टर के पर्चे पर दी जाती हैं और मेडिकल स्टोर के लिए ऐसी बिक्री का रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होता है।”
मेडिकल स्टोर के मालिक का बयान
उषा मेडिकल स्टोर के मालिक अमित जोशी ने अपने बचाव में कहा,
“महिला ने हमें अपने मोबाइल फोन पर डॉक्टर का पर्चा दिखाया था। हमने उसी आधार पर दवा दी। हम पर्चे के बिना ऐसी दवाएँ नहीं बेचते।”
हत्या की पूरी कहानी
पुलिस के अनुसार, 4 मार्च को मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर मर्चेंट नेवी के पूर्व अधिकारी सौरभ राजपूत की हत्या कर दी। पहले उसे नशीला पदार्थ खिलाया गया, फिर बेरहमी से उसकी हत्या कर दी गई।
हत्या के बाद, सौरभ के शरीर के 15 टुकड़े कर दिए गए और उन अवशेषों को सीमेंट से भरे एक ड्रम में बंद कर दिया गया। हत्या करने के बाद आरोपी हिमाचल प्रदेश छुट्टियाँ मनाने चले गए।
हत्या का भंडाफोड़ तब हुआ जब मुस्कान ने 18 मार्च को अपनी माँ के सामने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसकी माँ ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मामला उजागर हुआ।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे
पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने बताया कि सौरभ के दिल पर तीन बार चाकू से वार किया गया था। एक डॉक्टर ने बताया,
“तेज और लंबे चाकू से इतनी तीव्रता से वार किया गया कि वह सीधे दिल के अंदर गहराई तक चला गया।”
इसके अलावा, पोस्टमार्टम में यह भी पाया गया कि
- सौरभ का सिर उसके धड़ से अलग कर दिया गया था।
- दोनों हाथ कलाई से कटे हुए थे।
- उसके पैर पीछे की ओर मुड़े हुए थे।
निष्कर्ष
यह मामला चौंकाने वाली क्रूरता और योजनाबद्ध हत्या का उदाहरण है। पुलिस इस बात की जाँच कर रही है कि हत्या से पहले मुस्कान ने कितनी बार नींद की गोलियाँ खरीदी थीं और क्या उसे किसी अन्य व्यक्ति का समर्थन मिला था। साथ ही, मेडिकल स्टोर की भूमिका भी शक के घेरे में है।
उत्तर प्रदेश पुलिस ने रविवार को खुलासा किया कि मुस्कान रस्तोगी ने अपने पति सौरभ राजपूत की हत्या करने से पहले उसके नुस्खे में हेरफेर करके नींद की गोलियाँ खरीदी थीं।
मेडिकल स्टोर से खरीदी गईं गोलियाँ
पुलिस के अनुसार, ये गोलियाँ उषा मेडिकल स्टोर से खरीदी गई थीं। सौरभ राजपूत की हत्या की जाँच के दौरान इस मेडिकल स्टोर पर छापा मारा गया। मेरठ के ड्रग इंस्पेक्टर पीयूष शर्मा ने बताया,
“हमने पाया कि आरोपी महिला ने इसी स्टोर से दवाएँ खरीदी थीं। हम इस दुकान के सभी बिक्री रिकॉर्ड की जाँच कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या दवा खरीदने से पहले डॉक्टर का नुस्खा ज़रूरी था या इसे काउंटर पर ही बेचा जा सकता था।”
ड्रग इंस्पेक्टर के अनुसार, पिछले दो वर्षों के सभी बिक्री रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा,
“यदि किसी भी प्रकार का उल्लंघन पाया जाता है तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी और मेडिकल स्टोर का लाइसेंस रद्द किया जा सकता है। नींद की गोलियों जैसी अवसादरोधी दवाएँ केवल डॉक्टर के पर्चे पर दी जाती हैं और मेडिकल स्टोर के लिए ऐसी बिक्री का रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होता है।”
मेडिकल स्टोर के मालिक का बयान
उषा मेडिकल स्टोर के मालिक अमित जोशी ने अपने बचाव में कहा,
“महिला ने हमें अपने मोबाइल फोन पर डॉक्टर का पर्चा दिखाया था। हमने उसी आधार पर दवा दी। हम पर्चे के बिना ऐसी दवाएँ नहीं बेचते।”
हत्या की पूरी कहानी
पुलिस के अनुसार, 4 मार्च को मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर मर्चेंट नेवी के पूर्व अधिकारी सौरभ राजपूत की हत्या कर दी। पहले उसे नशीला पदार्थ खिलाया गया, फिर बेरहमी से उसकी हत्या कर दी गई।
हत्या के बाद, सौरभ के शरीर के 15 टुकड़े कर दिए गए और उन अवशेषों को सीमेंट से भरे एक ड्रम में बंद कर दिया गया। हत्या करने के बाद आरोपी हिमाचल प्रदेश छुट्टियाँ मनाने चले गए।
हत्या का भंडाफोड़ तब हुआ जब मुस्कान ने 18 मार्च को अपनी माँ के सामने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसकी माँ ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मामला उजागर हुआ।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे
पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने बताया कि सौरभ के दिल पर तीन बार चाकू से वार किया गया था। एक डॉक्टर ने बताया,
“तेज और लंबे चाकू से इतनी तीव्रता से वार किया गया कि वह सीधे दिल के अंदर गहराई तक चला गया।”
इसके अलावा, पोस्टमार्टम में यह भी पाया गया कि
- सौरभ का सिर उसके धड़ से अलग कर दिया गया था।
- दोनों हाथ कलाई से कटे हुए थे।
- उसके पैर पीछे की ओर मुड़े हुए थे।
यह मामला चौंकाने वाली क्रूरता और योजनाबद्ध हत्या का उदाहरण है। पुलिस इस बात की जाँच कर रही है कि हत्या से पहले मुस्कान ने कितनी बार नींद की गोलियाँ खरीदी थीं और क्या उसे किसी अन्य व्यक्ति का समर्थन मिला था। साथ ही, मेडिकल स्टोर की भूमिका भी शक के घेरे में है।
