पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा शुरू किए गए आतंकवाद विरोधी अभियान “ऑपरेशन सिंदूर” के चलते भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव का असर आज भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखा। सोमवार सुबह बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
कल रात पाकिस्तान द्वारा भारतीय सैन्य ठिकानों और शहरों पर मिसाइल और ड्रोन के माध्यम से बड़े पैमाने पर हमले की कोशिश की गई थी। हालांकि भारतीय सेना ने मुस्तैदी दिखाते हुए इन सभी हमलों को नाकाम कर दिया। इसके बावजूद बाजार की शुरुआती प्रतिक्रिया नकारात्मक रही।
बाजार खुलने से पहले प्री-ओपनिंग सेशन में सेंसेक्स में 1,300 अंकों तक की गिरावट देखी गई, लेकिन बाजार खुलते ही यह गिरावट कुछ हद तक सुधरी और सेंसेक्स 500 अंकों की गिरावट के साथ खुला। निफ्टी भी 24,000 के नीचे फिसल गया, लेकिन 9:15 बजे के आसपास यह कुछ अहम स्तरों पर वापस आया।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से टाइटन, लार्सन एंड टूब्रो (L&T), भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL), और टाटा मोटर्स जैसी कंपनियों के शेयर लाभ में रहे। वहीं पावर ग्रिड, आईसीआईसीआई बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट और आयशर मोटर्स के शेयरों में गिरावट देखी गई।
सुबह 10:15 बजे सेंसेक्स 79,462 पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद के मुकाबले 800 अंकों से ज्यादा नीचे था। निफ्टी भी 23,987 के स्तर पर था, यानी करीब 200 अंकों की गिरावट में।
वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही भारत-पाक तनाव जैसे हालात आमतौर पर शेयर बाजार को बुरी तरह प्रभावित करते हैं, लेकिन इस बार भारत के पक्ष में दो प्रमुख कारण हैं — पारंपरिक युद्ध में भारत की स्पष्ट बढ़त और वैश्विक स्तर पर डॉलर की कमजोरी के चलते भारतीय बाजारों की मजबूती।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा, “इस तरह की घटनाओं में आमतौर पर बाजार बड़ी गिरावट दर्ज करते हैं, लेकिन भारत की सैन्य श्रेष्ठता और बाजार की लचीलापन ऐसी गिरावट को सीमित रखता है। वैश्विक और घरेलू आर्थिक संकेतकों ने भी बाजार को समर्थन दिया है।”
उन्होंने आगे कहा, “कमजोर डॉलर और अमेरिका व चीन की संभावित आर्थिक सुस्ती भारत के शेयर बाजार के लिए फायदेमंद साबित हो रही है।”
एक्सचेंज से मिले आंकड़ों के अनुसार, कल विदेशी निवेशकों ने 2,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश भारतीय बाजारों में किया, जो बाजार की मजबूती को दर्शाता है।
इस बीच, पाकिस्तान ने भारत के “ऑपरेशन सिंदूर” का कड़ा विरोध जताया है। यह ऑपरेशन दो दिन पहले शुरू किया गया था, जिसके तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। इसके जवाब में पाकिस्तान ने भारत के कई सैन्य ठिकानों पर हमले की कोशिश की, जिनमें जम्मू, पठानकोट और उधमपुर शामिल थे, लेकिन भारतीय सेना ने सभी हमलों को नाकाम कर दिया। इन हमलों में किसी के हताहत होने या भौतिक क्षति की सूचना नहीं मिली है।
इसके अतिरिक्त, पाकिस्तान की ओर से नियंत्रण रेखा (LoC) पर भारी गोलीबारी की गई, जिसमें भारतीय चौकियों और नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाया गया।
पाकिस्तान, जिसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा लंबे समय से आतंकियों को पनाह देने वाला देश माना जाता रहा है, अब ऑपरेशन सिंदूर के वीडियो फुटेज सामने आने के बाद दबाव में है। इन फुटेज में आतंकी शिविरों और प्रशिक्षण केंद्रों के स्पष्ट सबूत दिखाई दिए हैं। पाकिस्तान द्वारा तटस्थ जांच की मांग उसके दोहरे रवैये को दर्शाती है, क्योंकि अतीत में भी पर्याप्त सबूत और पहुंच मिलने के बावजूद वह कार्रवाई करने में विफल रहा है।
