Tuesday, September 22, 2026

भारत का अमेरिका के साथ बहु-चरणीय व्यापार समझौता जल्द संभव

भारत को उम्मीद है कि अमेरिका के साथ चल रही व्यापार वार्ता के चलते एक बहु-चरणीय व्यापार समझौता जल्द ही संभव होगा। नई दिल्ली के अधिकारियों के अनुसार, यह वार्ता तीन चरणों में विभाजित है और इसका पहला चरण जुलाई से पहले एक अंतरिम समझौते के रूप में पूरा हो सकता है, इससे पहले कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तावित पारस्परिक टैरिफ लागू हों।

अंतरिम समझौते में औद्योगिक वस्तुओं, कुछ कृषि उत्पादों के लिए बाजार पहुंच और गुणवत्ता नियंत्रण से संबंधित गैर-टैरिफ बाधाओं को संबोधित किया जाएगा। यह जानकारी देने वाले अधिकारियों ने नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया कि बातचीत अभी निजी है और चल रही है।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि अमेरिकी प्रशासन इस तीन-चरणीय प्रक्रिया से सहमत है या नहीं। भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल इस समय चार दिवसीय यात्रा पर वाशिंगटन में हैं, जो मंगलवार को समाप्त होगी। इस दौरान उनकी मुलाकात अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर और वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक से होनी है, जिनसे वार्ता को आगे बढ़ाने की उम्मीद की जा रही है।

भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय और विदेश मंत्रालय ने इस विषय में जानकारी के अनुरोधों का तुरंत उत्तर नहीं दिया। अमेरिका के यूएसटीआर और वाणिज्य विभाग ने भी सवालों का तत्काल जवाब नहीं दिया है।

जानकारी रखने वाले भारतीय अधिकारियों ने बताया कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का दूसरा चरण सितंबर से नवंबर के बीच हो सकता है, जिसमें दोनों देशों द्वारा अप्रैल में सहमति प्राप्त 19 क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा। यह चरण एक व्यापक और अधिक विस्तृत समझौता हो सकता है। इसके समय को क्वाड नेताओं के शिखर सम्मेलन के साथ समन्वयित किया जा सकता है, जब ट्रंप की भारत यात्रा संभावित है।

अधिकारियों के अनुसार, तीसरा और अंतिम चरण एक पूर्ण व्यापार समझौता होगा, जिसे अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी के बाद लागू किया जा सकेगा। यह समझौता संभवतः अगले वर्ष तक पूरा हो सकता है।

गौरतलब है कि फरवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की व्हाइट हाउस यात्रा के बाद भारत, अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता शुरू करने वाला पहला देश बन गया था। दोनों नेताओं ने व्यापार को बढ़ावा देने और शरद ऋतु तक पहले चरण के समझौते को अंतिम रूप देने पर सहमति जताई थी। तब से भारत ने इस समयसीमा से पहले “त्वरित आपसी लाभ” की संभावनाएं जताई थीं।

हालांकि, हालिया घटनाओं से कुछ तनाव के संकेत भी मिले हैं। भारत ने वार्ता में अधिक सख्ती दिखानी शुरू की है और हाल ही में अमेरिका को जवाबी टैरिफ की चेतावनी दी थी। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि भारत ने अमेरिकी वस्तुओं पर टैरिफ को शून्य करने की पेशकश की है, लेकिन उन्होंने इस प्रक्रिया में जल्दबाज़ी की जरूरत से इनकार किया।

भारत-पाकिस्तान के बीच युद्धविराम को लेकर ट्रंप की टिप्पणियां भी नई दिल्ली के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा था कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम को सुनिश्चित करने के लिए व्यापार को एक सौदेबाजी उपकरण की तरह इस्तेमाल किया। उनका दावा है कि यह कदम चार दिनों के सैन्य संघर्ष के बाद दोनों देशों को पूर्ण युद्ध की कगार से वापस लाने में सहायक रहा। हालांकि, भारतीय अधिकारियों ने ट्रंप के इन दावों को स्पष्ट रूप से खारिज किया है।

कुल मिलाकर, भारत को भरोसा है कि अमेरिका के साथ बहुपक्षीय व्यापार समझौते की दिशा में वार्ता सही दिशा में आगे बढ़ रही है, भले ही कुछ कूटनीतिक पेचिदगियां अभी बनी हुई हैं।

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