• 08/08/2022 10:07 pm

#मध्य प्रदेश में #सोयाबीन की फसल में बड़े पैमाने पर नुकसान की आशंका:

मध्यप्रदेश के किसान सालों से जल्दी पकने वाली सोयाबीन की जेएस-9560 किस्म को बोते आ रहे हैं और बाद में दूसरी फसल ले रहे हैं। पर दुर्भाग्य की बात है कि इस जल्दी पकने वाली किस्म पर ही जलवायु परिवर्तन का सबसे ज्यादा असर हो रहा है।

 

इस साल कीटों ने इस किस्म को ही अपना निवाला बनाया। प्रदेश में इस किस्म का रकबा करीब 80 प्रतिशत है।

 

ऐसे में स्वाभाविक है कि सोयाबीन की फसल को बड़े पैमाने पर नुकसान होने का अनुमान है।

 

कृषि विज्ञानी और कृषि विभाग भले ही औसत नुकसान कम होने का अनुमान लगा रहे हों, लेकिन धरातल पर किसान हैं और वे 50 से 70 प्रतिशत नुकसान की बात कह रहे हैं।

 

FOR REGULAR UPDATE FOR EDIBLE OIL /PULSES/COTTON
CALL OR WHATSAPP – 7754821777

9:30 Live

Leave a Reply

Your email address will not be published.