Friday, January 16, 2026

भारत-पाकिस्तान युद्धविराम के बाद पहली बार खुले बाजार, सेंसेक्स में 1,800 अंकों की जबरदस्त छलांग

सोमवार सुबह भारतीय शेयर बाजारों ने जोरदार तेजी के साथ सप्ताह की शुरुआत की। BSE सेंसेक्स 1,793.73 अंक उछलकर 81,248.20 पर पहुंच गया, जबकि NSE निफ्टी 553.25 अंक बढ़कर 24,561.25 पर बंद हुआ। यह उछाल भारत और पाकिस्तान के बीच हाल ही में हुए युद्धविराम समझौते के बाद देखने को मिला, जब पहली बार बाजार खुले।

बाजार की मजबूती और निवेशकों की वापसी

विशेषज्ञों का कहना है कि हाल ही में सीमा पर हुई तनावपूर्ण स्थिति के बावजूद भारतीय बाजारों ने असाधारण लचीलापन दिखाया। ANI की रिपोर्ट के अनुसार, जैसे ही सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थिति स्थिर हुई, निवेशक एक बार फिर इक्विटी बाजार की ओर लौटे। मजबूत निवेश प्रवाह और सकारात्मक संकेतों के कारण बाजार में यह तेजी आई।

बैंकिंग और मार्केट एक्सपर्ट अजय बग्गा ने क्या कहा?

बाजार विशेषज्ञ अजय बग्गा ने ANI से बातचीत में कहा, “भारतीय वायदा बाजार में लगभग 2 प्रतिशत की तेज तेजी देखी जा रही है। भारत-पाक गतिरोध की समाप्ति से उत्पन्न नुकसान की भरपाई अब बाजार कर रहे हैं। इस उथल-पुथल भरे दौर को भारतीय शेयर बाजारों ने बहुत अच्छी तरह सहा है और अब तेजी से वापसी के लिए तैयार हैं।”

सेक्टोरल परफॉर्मेंस: रियल्टी, ऑटो और आईटी में उछाल

विभिन्न सेक्टर्स की बात करें तो निफ्टी रियल्टी इंडेक्स ने जबरदस्त शुरुआत की और शुरुआती कारोबार में 4 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की। निफ्टी ऑटो इंडेक्स 2.25 प्रतिशत और निफ्टी आईटी इंडेक्स 2.16 प्रतिशत चढ़ा। यह संकेत देता है कि निवेशकों ने इन क्षेत्रों में तेजी से भरोसा जताया है।

वैश्विक कारक भी रहे सकारात्मक

अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर भी बाजार को सकारात्मक संकेत मिले। अमेरिका और चीन के बीच सप्ताहांत में जिनेवा में हुई व्यापार वार्ता को दोनों पक्षों ने ‘उत्पादक और सकारात्मक’ बताया, जिससे वैश्विक निवेशकों का मनोबल बढ़ा। इसके अलावा, अमेरिकी वायदा बाजारों में भी 1 प्रतिशत से अधिक की तेजी के संकेत देखे गए।

सोना गिरा, तेल और डॉलर मजबूत

सोने की कीमतों में सोमवार को 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखी गई, जबकि कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिकी डॉलर में मजबूती दर्ज की गई। इससे संकेत मिलता है कि निवेशक अब सुरक्षित संपत्तियों से हटकर जोखिम वाले परिसंपत्तियों में वापसी कर रहे हैं।

तेजी के बीच फार्मा शेयरों में गिरावट

हालांकि बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली, लेकिन फार्मा शेयरों पर दबाव बना रहा। फार्मास्युटिकल सेक्टर के शेयरों में औसतन 1.3 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। इसका मुख्य कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की घोषणा रही, जिसमें उन्होंने दवाओं की कीमतों में 30% से 80% तक कटौती करने के लिए कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करने की बात कही।

फार्मा इंडेक्स के 20 में से 8 शेयर लाल निशान में रहे। सन फार्मा का शेयर 5.4 प्रतिशत गिरा, जो निफ्टी 50 और फार्मा इंडेक्स में सबसे बड़ी गिरावट थी। इसके अलावा, ग्लेनमार्क फार्मा में 0.4 प्रतिशत और सिप्ला में 1.5 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।

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