• 11/08/2022 8:06 pm

#बेरुत धमाके के बाद मदद के लिए आगे आई दुनिया, नासा ने जारी की हाई रेजोल्यूशन की तस्वीरें

वाशिंगटन । लेबनान की राजधानी बेरुत में भीषण विस्फोट के बाद दुनिया पीड़ितों की मदद के लिए दौड़ पड़ी है। फ्रांस, अमेरिका जैसे कई देशों की मदद पहुंच भी चुकी है, लेकिन यह काफी नहीं है। लेबनान को और अधिक सहायता पहुंचाने के लिए फ्रांस की पहल पर रविवार को कांफ्रेंस कॉल में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत कई देशों के नेता जुड़ेंगे। वहीं, इसी बीच नासा ने धमाके की हाई रेजोल्यूशन की तस्वीरें जारी की हैं।

ट्रंप ने ट्विटर पर कहा कि उन्होंने लेबनानी राष्ट्रपति मिशेल ओउन और फ्रांस के राष्ट्पति इमेनुएल मैक्रों से अलग-अलग बात की है। अमेरिका के तीन बड़े जहाज राहत सामग्री लेकर रवाना हो चुके हैं। इसके अलावा नर्स-डॉक्टर्स की टीम और चिकित्सा सामग्री भी भेजी जा रही है। हम और भी मदद पहुंचाएंगे। कई और देश भी मदद में हाथ बंटाना चाहते हैं।

अरब लीग भी करेगा मदद

इस बीच, लेबनान के साथ एकजुटता दिखाने के लिए मध्य-पूर्व और यूरोप के कई देशों के शीर्ष अधिकारियों का बेरुत पहुंचना शुरू हो गया है। यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष के अलावा अरब लीग के प्रमुख अहमद अबुल घेइत भी यहां पहुंचे हैं। घेइत ने लेबनानी राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद कहा कि हमारा संगठन हरसंभव मदद करेगा। हम विस्फोट की जांच में भी सहयोग के लिए तैयार हैं। वहीं, पूरे लेबनान में राजनीतिक नेतृत्व के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। सरकारी तंत्र की अक्षमता, कुप्रबंधन और चौतरफा भ्रष्टाचार को लेकर लोगों में भारी गुस्सा है।

नासा ने जारी की तस्वीरें

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने सिंगापुर की भू-वेधशाला के सहयोग से बेरुत धमाके की हाई रेजोल्यूशन तस्वीरें जारी की हैं। इनसे बेरुत की विनाशलीला का पूरा चित्र साफ हो जाता है। नासा की एडवांस्ड रैपिड इमेजिंग एंड एनलायसिस टीम ने उपग्रह से प्राप्त रडार डाटा के जरिये नुकसान का आकलन किया है। इससे यह भी पता चलता है कि विस्फोट के बाद किस तरह धरती की सतह में बदलाव देखा गया, जैसा कि भूकंप जैसी किसी बड़ी घटना के बाद होता है।

बेरुत बंदरगाह पर मंगलवार को हुए भीषण धमाके में 154 लोगों की मौत हो गई थी और 5,000 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। फ्रांस समेत कई देशों ने आपात सहायता के रूप में डॉक्टर्स की टीम, मेडिकल उपकरण और खाद्य सामग्री लेबनान भेजी है।

10 बार चेताया था

पिछले छह साल में लेबनान के कस्टम, सेना, सुरक्षा एजेंसियों और न्यायपालिका के अधिकारियों ने कम से कम 10 बार चेताया था कि बेरुत बंदरगाह पर विस्फोटक रसायनों का जखीरा बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के रखा हुआ है। कुछ दस्तावेजों के सामने आने से यह पता चला है।

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