Friday, July 19, 2024

बिहार, महाराष्ट्र के बाद NEET पेपर लीक जांच में दिल्ली कनेक्शन सामने आया

महाराष्ट्र में NEET पेपर लीक मामले में दो स्कूल टीचरों पर मामला दर्ज हुआ है। ये प्राथमिकी लातूर में दर्ज की गई है। संजय तुकाराम जाधव और जलील उमरखान पठान को नांदेड़ एटीएस ने हिरासत में लिया। वे जिला परिषद स्कूलों में पढ़ाते थे और लातूर में निजी कोचिंग सेंटर भी चलाते थे।

जलील उमरखान पठान को कल घंटों पूछताछ के बाद हिरासत में लिया गया, जबकि संजय तुकाराम जाधव अभी भी फरार हैं। पुलिस को उनके फोन में कई छात्रों के एडमिट कार्ड और व्हाट्सएप चैट मिले हैं। ये दोनों दिल्ली के एक व्यक्ति गंगाधर के साथ लगातार संपर्क में थे।

गंगाधर ने संजय तुकाराम जाधव और जलील उमरखान पठान को उन अभ्यर्थियों से मिलवाने में मदद की, जो परीक्षा में सफलता के लिए भारी रकम चुकाने को तैयार थे। महाराष्ट्र पुलिस की एफआईआर में गंगाधर और नांदेड़ के कोचिंग संस्थान के प्रशिक्षक इरन्ना कोंगलवार का नाम भी है। इन पर धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोप लगे हैं।

सरकार ने छात्रों के हितों की रक्षा के लिए NEET पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी है। यह एजेंसी अब यूजीसी-नेट की अनियमितताओं की भी जांच कर रही है, जिसमें पेपर लीक होना और डार्क नेट पर बेचना शामिल है।

सरकार ने एक सख्त कानून भी लागू किया है, जिसका उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी रोकना है। इस कानून के तहत अपराधियों के लिए अधिकतम 10 साल की जेल और ₹ 1 करोड़ तक के जुर्माने का प्रावधान है।

बिहार पुलिस ने पहले चार लोगों को गिरफ़्तार किया था, जिन्होंने NEET UG परीक्षा से एक रात पहले प्रश्नपत्र लीक करने की बात कबूल की थी। अब पुलिस ‘सॉल्वर गैंग’ की भूमिका की जांच कर रही है, जो छात्रों को लीक हुए परीक्षा के पेपर बेचते हैं और उम्मीदवारों के लिए परीक्षा देने के लिए प्रॉक्सी उम्मीदवार उपलब्ध कराते हैं।

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